अब बच्चा-बच्चा पढ़ेगा ‘आपातकाल’ की हकीकत
2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां सियासत करनी शुरु कर दी है...26 जून
1975 से 21 मार्च 1977 तक इंदिरा गांधी के शासन काल में लगाई गई आपातकाल को लेकर
सियासत जोरों पर चल रही है... आज के दिन इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा
की थी.. तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा
गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी
थी...जिसे बीजेपी आज पूरे देश में काला दिवस के रुप में मना रही है... लोगों
को उस काले अध्याय की याद दिला रही है...
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पीएम मोदी ने कहा कांग्रेस ने
परिवार भक्ति और पागलपन में देश को जेल बना डाला...तो वहीं कांग्रेस के मुख्य
प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए कहा पीएम मोदी को आज का 'औरंगजेब' बताया....
आपातकाल की स्थिति तब आई जब इंदिरा गांधी के हाथों रायबरेली में राज नारायण की 1971
में हार हुई थी... राज नारायण ने इंदिरा गांधी पर सरकारी मशनरी का गलत इस्तेमाल कर
जीत हासिल करने का 14 आरोप लगाए थे....मामला यहां नहीं रुका और राज नारायण ने इलाहाबाद
उच्च न्यायालय में मामला दाखिल करा दिया था... इंदिरा गांधी को
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषी पाया... छह साल के लिए पद
से बेदखल कर दिया... 25 जून 1975 को जयप्रकाश नारायण ने इंदिरा के इस्तीफा देने तक
देश भर में रोज प्रदर्शन करने का आह्वाहन किया था.... जिसके बाद इंदिरा गांधी ने
न्यायालय की बात की ठुकरा कर इमरजेंसी लागू कर दी थी....आपातकाल के बुरे दिनों की
कहानी अब स्कूल-कॉलेजों में भी पढ़ाई जाएगी...मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेड़कर
ने की घोषणा....
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